36 साल बाद चंद्रग्रहण के दिन यह अद्भुत संयोग बनने जा रहा है। ऐसे में इन राशियों पर सबसे ज्यादा बुरा प्रभाव पड़ेगा।
इस दिन पूर्ण चंद्रग्रहण और ब्ल्यू सुपरमून एक साथ होगा। 31 जनवरी को होने वाली यह खगोलीय घटना न केवल भारत बल्कि विश्व के कई देशों में देखी जा सकेगी। इससे पहले चंद्रग्रहण और ब्ल्यू मून 30 दिसंबर 1982 को एक साथ थे। इस घटना में चंद्रमा का रंग भी बदला हुआ नजर आएगा। माघ पूर्णिमा का यह पहला चंद्रग्रहण है। ज्योतिषीय नजरिये से एक ओर जहां इस घटना से राशियों में परिवर्तन आएंगे तो दूसरी ओर वैज्ञानिक दृष्टिकोण से देखें तो जानवरों का मिजाज भी बदलेगा
डॉ.आचार्य सुशांत राज के अनुसार 31 जनवरी को चंद्रग्रहण पुष्य एवं अश्लेषा नक्षत्र एवं कर्क राशि कालीन घटित हो रहा है। इस ग्रहण का सूतक 9 घंटे पूर्व अर्थात प्रात: 8.18 मिनट पर लगेगा। ग्रहण प्रारंभ शाम 5.18 मिनट पर होगा। खग्रास प्रारंभ 6.22 मिनट शाम एवं खग्रास समाप्ति शाम 7.38 मिनट पर होगी। ग्रहण समाप्त रात 8.42 मिनट पर होगा। ग्रहण की अवधि कुल 3 घंटे 24 मिनट रहेगी।
शाम 5.18 मिनट से रात 8.42 मिनट तक सुपर मून नारंगी रंग में दिखाई देगा। देहरादून में चंद्रोदय का समय उस दिन 5.50 मिनट होगा। अत: यहां ग्रहण का पर्व काल 2 घंटा 52 मिनट तक रहेगा। उत्तराखंड विद्वत सभा के पूर्व उपाध्यक्ष आचार्य भरत राम तिवारी के अनुसार 36 वर्ष बाद पूर्ण चंद्रग्रहण और ब्लू मून एक साथ होगा। बताया कि सूतक की अवधि से पहले ही पानी में शुद्धिकरण के लिए पानी, दूध आदि में तुलसी के पत्ते डाल लें।
मेष- व्यवसाय में लाभ, कार्य-सिद्धि होगी।
वृष- उन्नति एवं धन लाभ होगा।
मिथुन- मानसिक तनाव एवं शारीरिक पीड़ा हो सकती है।
कर्क- शरीर का कष्ट एवं दुर्घटना का भय हो सकता है।
सिंह- पारिवारिक समस्याएं एवं चिंता हो सकती है।
कन्या- धन लाभ एवं पराक्रम में वृद्धि होगी।
तुला- चिंताएं, भय-कष्ट, मानहानि हो सकती है।
वृश्चिक- संतान चिंता एवं कार्यबाधा हो सकती है।
धनु- कानूनी मामलों में रुकावट, शत्रुभय हो सकता है।
मकर- जीवनसाथी से मतभेद, विवाद संघर्ष हो सकता है।
कुंभ- गुप्त रोग एवं धन हानि हो सकती है।
मीन- कार्यों में विलंब एवं अपव्यय हो सकता है।
इस दिन पूर्ण चंद्रग्रहण और ब्ल्यू सुपरमून एक साथ होगा। 31 जनवरी को होने वाली यह खगोलीय घटना न केवल भारत बल्कि विश्व के कई देशों में देखी जा सकेगी। इससे पहले चंद्रग्रहण और ब्ल्यू मून 30 दिसंबर 1982 को एक साथ थे। इस घटना में चंद्रमा का रंग भी बदला हुआ नजर आएगा। माघ पूर्णिमा का यह पहला चंद्रग्रहण है। ज्योतिषीय नजरिये से एक ओर जहां इस घटना से राशियों में परिवर्तन आएंगे तो दूसरी ओर वैज्ञानिक दृष्टिकोण से देखें तो जानवरों का मिजाज भी बदलेगा
डॉ.आचार्य सुशांत राज के अनुसार 31 जनवरी को चंद्रग्रहण पुष्य एवं अश्लेषा नक्षत्र एवं कर्क राशि कालीन घटित हो रहा है। इस ग्रहण का सूतक 9 घंटे पूर्व अर्थात प्रात: 8.18 मिनट पर लगेगा। ग्रहण प्रारंभ शाम 5.18 मिनट पर होगा। खग्रास प्रारंभ 6.22 मिनट शाम एवं खग्रास समाप्ति शाम 7.38 मिनट पर होगी। ग्रहण समाप्त रात 8.42 मिनट पर होगा। ग्रहण की अवधि कुल 3 घंटे 24 मिनट रहेगी।
शाम 5.18 मिनट से रात 8.42 मिनट तक सुपर मून नारंगी रंग में दिखाई देगा। देहरादून में चंद्रोदय का समय उस दिन 5.50 मिनट होगा। अत: यहां ग्रहण का पर्व काल 2 घंटा 52 मिनट तक रहेगा। उत्तराखंड विद्वत सभा के पूर्व उपाध्यक्ष आचार्य भरत राम तिवारी के अनुसार 36 वर्ष बाद पूर्ण चंद्रग्रहण और ब्लू मून एक साथ होगा। बताया कि सूतक की अवधि से पहले ही पानी में शुद्धिकरण के लिए पानी, दूध आदि में तुलसी के पत्ते डाल लें।
मेष- व्यवसाय में लाभ, कार्य-सिद्धि होगी।
वृष- उन्नति एवं धन लाभ होगा।
मिथुन- मानसिक तनाव एवं शारीरिक पीड़ा हो सकती है।
कर्क- शरीर का कष्ट एवं दुर्घटना का भय हो सकता है।
सिंह- पारिवारिक समस्याएं एवं चिंता हो सकती है।
कन्या- धन लाभ एवं पराक्रम में वृद्धि होगी।
तुला- चिंताएं, भय-कष्ट, मानहानि हो सकती है।
वृश्चिक- संतान चिंता एवं कार्यबाधा हो सकती है।
धनु- कानूनी मामलों में रुकावट, शत्रुभय हो सकता है।
मकर- जीवनसाथी से मतभेद, विवाद संघर्ष हो सकता है।
कुंभ- गुप्त रोग एवं धन हानि हो सकती है।
मीन- कार्यों में विलंब एवं अपव्यय हो सकता है।

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